शॉर्ट का कैप्शन लगभग खाली है; शीर्षक दो चीजें जोड़ता है—विपक्ष एक्सपोज़, और 2026 का पेपर-लीक संशोधन विधेयक। दूसरी बात दस्तावेज़ी है। पीआईबी के अनुसार राज्यसभा ने 30 जुलाई 2026 को ध्वनि मत से विधेयक पारित किया। न्यूज़ ऑन एयर ने अगले दिन संसद से पारित होने की खबर दी।
कानून क्या है
पीआरएस ने अमेंडमेंट बिल का पाठ दर्ज किया। मूल अधिनियम सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों—लीक, हल निकाले पेपर, इम्पर्सनेशन—से जुड़ा है। संशोधन सजा, जाँच एजेंसी या प्रक्रिया कड़ी करने के लिए आए, जैसा संसदीय सार कहते हैं। सीएनबीसी-टीवी18 ने 19 अगस्त को पूछा: क्या यह केवल कागज पर सख्त है।
‘विपक्ष एक्सपोज़’
उसी सप्ताह भाजपा नेताओं ने संसद बाधित करने का आरोप लगाया। एएनआई और न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने नीतीन नबीन और पीयूष गोयल के उद्धरण चलाए। वह राजनीतिक हमला है, विधेयक की धारा नहीं। शॉर्ट दोनों को एक फ्रेम में रखता है; पाठक को अलग रखना चाहिए।
