बिहार में भारत भूषण तिवारी की मौत सोशल मीडिया पर इसलिए केंद्र में आई क्योंकि घटना का वीडियो फैला। एक्सप्रेस ने ‘लाइव स्ट्रीम पर मारा गया’ फ्रेम दिया। परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी की घोषणा न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने लिखी।
परिवार और अदालत
हिंदू के अनुसार परिवार सहायता से संतुष्ट बता, लेकिन मारने वालों को दंड/फाँसी चाहता रहा। टीओआई ने पिता का बयान चलाया: सब देख रहे थे कैसे मारा गया। 18 अगस्त को लॉ स्ट्रीट जर्नल ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई PIL खारिज करने की खबर दी।
शॉर्ट पूछता है अगर वीडियो न होता तो क्या होता, और सस्पेंशन काफी है या नहीं। ये सार्वजनिक सवाल हैं। मुठभेड़ का पुलिस संस्करण बनाम परिवार का संस्करण अदालत/जाँच एजेंसी तय करेगी। निलंबन प्रशासनिक कदम है, दोषसिद्धि नहीं।
