दक्षिण भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री सी. शाकीला बेगम ने अगस्त 2026 में अपने यूट्यूब व्लॉग में बताया कि उन्हें हाल ही में गर्दन की बड़ी सर्जरी करानी पड़ी। न्यूज18 और टाइम्स नाउ के अनुसार, अस्पताल से घर लौटने के बाद वह नेक ब्रेस पहने दिखीं। उन्होंने खर्च करीब तीन लाख रुपये बताया और कहा कि घंटों फोन पर गेम खेलने और रील्स देखने की आदत ने उन्हें ऑपरेशन टेबल तक पहुँचा दिया।
यह दावा वायरल इसलिए हुआ क्योंकि यह एक सेलिब्रिटी के निजी अनुभव को ‘फोन की लत’ की चेतावनी से जोड़ता है। लेकिन मेडिकल दावे को उसी रूप में खबर नहीं बनाया जा सकता जिस रूप में सोशल मीडिया उसे दोहराती है। शाकीला ने जो बताया, वह उनका अनुभव है। डॉक्टरों ने जो कहा, वह जोखिम और सीमाओं की बात है।
शाकीला ने क्या कहा
न्यूज18 के अनुसार, शाकीला ने कहा कि वह बिस्तर पर करवट लेकर फोन चलाती थीं और कभी-कभी चार घंटे लगातार गेम खेलती थीं। चाय-कॉफी के लिए उठतीं, फिर उसी मुद्रा में लौट आतीं। इसके बाद यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर रील्स देखतीं। उन्होंने कहा, “फोन बहुत काम की चीज है, लेकिन जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें।”
इंडियन एक्सप्रेस ने उनके तमिल बयान का अनुवाद प्रकाशित किया। उसमें उन्होंने सर्वाइकल स्पाइन की समस्या बताई और कहा कि डॉक्टरों ने टाइटेनियम स्क्रू लगाया। उन्होंने इसे “अनावश्यक खर्च, दर्द और तकलीफ” करार दिया और अभिभावकों से कहा कि बच्चों को मोबाइल न दें। टाइम्स नाउ के अनुसार, रिकवरी के दौरान उन्हें रोजमर्रा के कामों में मदद चाहिए।
डॉक्टर क्या कहते हैं
इंडियन एक्सप्रेस ने थाणे स्थित KIMS हॉस्पिटल्स के स्पाइन सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. जयेश भानुशाली से बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सिर झुकाकर फोन चलाने से गर्दन की मांसपेशियों, जोड़ों और डिस्क पर दबाव बढ़ता है। इससे अकड़न, थकान और दर्द हो सकता है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि इसे गंभीर रीढ़ की बीमारी का सीधा कारण मानने के बजाय जोखिम कारक समझना बेहतर है।
डॉ. भानुशाली के अनुसार, सर्जरी आमतौर पर डिस्क Degeneration, हर्नियेटेड डिस्क, स्पाइनल कैनाल संकरी होना, चोट या उम्र से जुड़े बदलावों से जुड़ी होती है। गलत मुद्रा और घंटों एक ही पोजीशन में पड़े रहना लक्षण बढ़ा सकते हैं, मौजूदा समस्या को बिगाड़ सकते हैं। चार घंटे लगातार गेमिंग, बीच-बीच में उठकर चलने वाले सामान्य इस्तेमाल से अलग बात है।
क्या साबित है, क्या नहीं
पुष्टि इस बात की है कि शाकीला ने सार्वजनिक रूप से सर्जरी और तीन लाख रुपये के खर्च का जिक्र किया, और कई स्थापित समाचार संगठनों ने उनके व्लॉग के आधार पर यह रिपोर्ट किया। अस्पताल के आधिकारिक बयान या मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं हैं। ‘मुख्य नसों पर असर’ जैसा उनका निजी विवरण विशेषज्ञ की भाषा से मेल नहीं खाता; डॉक्टर गर्दन की मांसपेशियों, जोड़ों और डिस्क की बात करते हैं।
इसलिए सही फॉर्मूलेशन यह है: शाकीला का कहना है कि लंबे फोन इस्तेमाल और गलत मुद्रा के बाद सर्जरी हुई। उपलब्ध मेडिकल सलाह कहती है कि ऐसी आदतें गर्दन के दर्द का जोखिम बढ़ाती हैं, लेकिन अकेले फोन से सर्जरी तय नहीं होती। चेतावनी के संकेत—बार-बार दर्द, हाथ में सुन्नपन, कमजोरी या चलने में दिक्कत—को दर्दनिवारक से टालने के बजाय जाँच करानी चाहिए।
अभी स्थिति क्या है
शाकीला रिकवरी में हैं और दर्शकों से कह रही हैं कि फोन जरूरत के कामों तक सीमित रखें। स्वास्थ्य संदेश वही है जो विशेषज्ञ दोहराते हैं: स्क्रीन आँखों के स्तर पर रखें, लेटकर घंटों न चलाएँ, बीच में उठें, बच्चों के स्क्रीन-टाइम की सीमा तय करें। फोन खतरनाक है—यह वाक्य गलत है। कैसे और कितनी देर चलाया जाता है, वही मायने रखता है।
