सिर्फ ₹11,000 के लिए नौकरी, इज्जत और अब पुलिस केस—छत्तीसगढ़ में एक professor पर ऐसा आरोप लगा है, जिसे सुनकर शायद आपको भी यकीन करना मुश्किल हो। मामला रायपुर की इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से जुड़ा है। यहां B.Sc. Agriculture के दूसरे वर्ष के Entomology विषय की परीक्षा 20 अगस्त को होनी थी। लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही question paper के कुछ सवाल छात्रों के बीच circulate होने लगे। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी और मामले की जांच शुरू हुई। पुलिस ने इस मामले में एक professor समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ Chhattisgarh में Agriculture Paper Leak?
पुलिस जांच के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे Yogesh Sonkesariya, जो Durg के Bharti Agriculture College में professor हैं, के पास परीक्षा का sealed question paper पहुंचा था। आरोप है कि उन्होंने envelope की सामान्य तरीके से seal खोलने के बजाय उसमें एक छोटा सा छेद किया और उसमें endoscopic camera डालकर अंदर रखे question paper की तस्वीरें और video रिकॉर्ड की। रिपोर्टों के मुताबिक camera खरीदने में करीब ₹2,500 खर्च किए गए थे। यानी paper leak करने के लिए बाकायदा एक अलग तरीका तैयार किया गया था।
₹11,000 में छात्रों को बेचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, camera से question paper के करीब 15 सवालों को capture करने के बाद आरोपी professor ने इन सवालों को छात्रों तक पहुंचाया। आरोप है कि paper को ₹11,000 में तीन छात्रों को बेचा गया। इसके बाद यह सवाल दूसरे छात्रों के WhatsApp और social media circles में भी circulate होने लगे। यही circulation आगे चलकर पूरे मामले का सबसे बड़ा सुराग बना। पुलिस ने leaked paper, screenshots, photographs, WhatsApp messages और social media posts की जांच करके कथित source तक पहुंच बनाई।
Exam वाले दिन खुला Paper Leak का राज
20 अगस्त को होने वाली Entomology परीक्षा से पहले विश्वविद्यालय को leaked questions के बारे में जानकारी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 8:41 बजे paper leak की सूचना वाला email मिला और छात्रों की तरफ से WhatsApp के जरिए भी विश्वविद्यालय को जानकारी दी गई। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा करीब 28 affiliated agricultural colleges में आयोजित होनी थी, इसलिए leak की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षा प्रभावित हुई।
36 घंटे में Professor समेत 6 गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और Cyber Cell ने leaked paper और उससे जुड़े digital evidence की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, करीब 36 घंटे की जांच के बाद professor Yogesh Sonkesariya समेत पांच छात्रों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार छात्रों में Ajay Nayak, Tridev Patel, Nitin Pandey, Anuj Minj और Aditya Sahu के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने mobile phones, recording device, needle समेत कई चीजें भी जब्त की हैं।
Paper Leak ने फिर उठाए Exam Security पर सवाल
यह मामला सिर्फ एक question paper के leak होने तक सीमित नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि sealed question paper आखिर आरोपी professor के पास कैसे पहुंचा और उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में चूक कहां हुई? Paper leak की वजह से परीक्षा देने वाले उन छात्रों को भी परेशानी हुई, जिनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था। विश्वविद्यालय ने बाद में examination security protocol को और सख्त करने की दिशा में कदम उठाए।
₹11,000 के लालच का नतीजा क्या हुआ?
एक तरफ हजारों रुपये खर्च करके students परीक्षा की तैयारी करते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग shortcut के लिए पूरी examination system को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। इस मामले में भी कथित तौर पर सिर्फ ₹11,000 के लिए question paper बेचने का खेल शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही समय में मामला पुलिस तक पहुंच गया। अब professor समेत गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है और पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस leak में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि paper leak सिर्फ एक exam की समस्या नहीं है। इससे उन लाखों छात्रों की मेहनत और भरोसा प्रभावित होता है, जो ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते हैं।
