जून 2026 के अंत में मुजफ्फरनगर से बंधुआ मजदूरी की खबर देश-विदेश पहुँची। बीबीसी और इंडिया टुडे ने 12 मजदूरों की रिहाई लिखी। एनडीटीवी ने कारखाने से रिहाई और कैद के दौरान मौतों की जाँच का उल्लेख किया।
शॉर्ट की भयावह परत
कैप्शन में मोबाइल-आधार छीनना, 24 घंटे काम, सूखी रोटी, पिटाई, बिजली के झटके, पिटबुल हैं। ये पीड़ित बयान/मीडिया विवरण हो सकते हैं। एनएचआरसी संज्ञान बताता है कि हिंसा के आरोप गंभीर माने गए। प्रत्येक अत्याचार की फॉरेंसिक पुष्टि आरोपपत्र में देखनी होगी।
नेपाल सहित कई राज्यों से लाने का दावा शॉर्ट का है; बीबीसी ने यूपी में बंधुआ मजदूरी का चौंकना दर्ज किया। तस्करी के अंतरराज्यीय कोण की पुष्टि जाँच पर छोड़ें।
