शॉर्ट स्पष्ट कहता है: यह राय है। शुरुआत छात्रों, शिक्षा और नीट से बताई गई; अब नेता और अन्य मुद्दे दिखते हैं। प्रभात खबर ने उसी सप्ताह पूछा—आंदोलन राजनीतिक मुद्दा कैसे बना।
दिल्ली के धरने अक्सर विपक्ष, सत्ता और कैमरों को खींचते हैं। उपस्थिति माँगों को अवैध नहीं करती। भटकने का आरोप तब मजबूत होता है जब मूल चार्टर सार्वजनिक हो और नया चार्टर उसका स्थान ले। वह दस्तावेज़ इस पैकेज में नहीं है।
हैशटैग में दिपके और वांगचुक हैं। दोनों के एजेंडे अलग हो सकते हैं। उन्हें एक साजिश में बाँधना शॉर्ट भी दावा नहीं करता; वह फोकस बदलने का प्रश्न है। राय स्तंभ के रूप में प्रकाशित, समीक्षा झंडे के साथ।
