हैदराबाद के एक स्कूल—समाचार में सक्सेस स्कूल का उल्लेख—में अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कक्षा 2 के बच्चे को कलमा या सूरह पढ़ने का होमवर्क दिया गया। हिंदू ने लिखा शिक्षक को निकाल दिया गया। इंडिया टुडे ने कार्रवाई की माँग दर्ज की।
क्या विवाद है
भारत में धार्मिक शिक्षा निजी स्कूलों की नीति और राज्य नियमों से बँधी है। जबरदस्ती एक धर्म का पाठ कराना अभिभावकीय सहमति और धर्मनिरपेक्ष पाठ्यक्रम से टकराता है—यह विवाद का कानूनी आधार है, न कि बच्चे का धर्म। टीओआई की कक्षा-गणना एक रिपोर्ट का दावा है, जनगणना नहीं।
शॉर्ट पूछता है स्कूल केवल पढ़ाई करें या धार्मिक शिक्षा भी दें। नीति राज्य और प्रबंधन की है। शिक्षक की बर्खास्तगी स्कूल का प्रशासनिक कदम है, अदालती फैसला नहीं।
