इंदौर के गौरव दवे 25 वर्ष के थे। ब्रूट के अनुसार मस्तिष्क रक्तस्राव के बाद उन्हें मस्तिष्क-मृत घोषित किया गया। परिवार ने अंगदान चुना। न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा: मृत्यु के बाद चार लोगों को जीवन मिला। टीओआई ने हृदय के अहमदाबाद पहुँचने के लिए इंदौर का 68वाँ हरित गलियारा बताया।

कौन से अंग

शॉर्ट हृदय, यकृत और दोनों गुर्दे गिनता है—चार प्राप्तकर्ता। न्यूज़ग्राम ने आँखों का भी उल्लेख किया; प्राप्तकर्ताओं की संख्या रिपोर्ट-दर-रिपोर्ट जाँच योग्य है। नाम शॉर्ट में ‘दुबे’, समाचार में ‘दवे’—उच्चारण की भिन्नता, व्यक्ति एक ही घटना से जुड़ा बताया गया है।

क्यों यह खबर है

भारत में अंगदान दर कम है। एक परिवार का लिखित सहमति निर्णय चार परिवारों को छूता है। यह चमत्कार नहीं, चिकित्सा प्रोटोकॉल और सड़क समन्वय है। प्राप्तकर्ताओं के नाम गोपनीयता के कारण नहीं चलने चाहिए जब तक परिवार सार्वजनिक न करे।