शॉर्ट का प्रश्न सीधा है: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से पेपर लीक रुक जाएगा? जुलाई 2026 में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र प्रदर्शनों से जोड़कर आज तक समेत कई डेस्क ने कवर किया। 26 जुलाई की रिपोर्ट में छात्रों का जश्न दर्ज है।
राजनीति बनाम प्रक्रिया
मंत्री बदलना कैबिनेट फैसला है। परीक्षा सुरक्षा एनटीए, राज्य बोर्ड, पुलिस और अदालतों का काम है। उसी माह संसद पेपर-लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा कर रही थी। शॉर्ट कहता है सिस्टम सुधार राजनीति से ऊपर हो—यह राय है, लेकिन लीक के इतिहास से मेल खाती है: 2024 के बाद भी मामले आए।
इस्तीफे को ‘दिखावा’ कहना आरोप है जब तक उत्तराधिकारी की नीति और अभियोजन के नतीजे न दिखें। जो तय है: पद खाली/बदला गया, छात्र माँग शिक्षा सुधार की रही, लीक अलग-अलग राज्यों की अलग एफआईआर हैं।
